EMI Default होने पर CIBIL Score पर क्या असर पड़ता है?

अगर किसी व्यक्ति की Loan EMI समय पर जमा नहीं होती, तो इसका असर उसकी क्रेडिट हिस्ट्री और CIBIL Score पर पड़ सकता है। बैंक और NBFC आपके लोन खाते की repayment history को क्रेडिट इंफॉर्मेशन कंपनियों के साथ साझा करते हैं। इसी जानकारी के आधार पर यह देखा जाता है कि आप अपने कर्ज की किस्तें समय पर और पूरी तरह चुका रहे हैं या नहीं। CIBIL के अनुसार, delayed payment, missed payment और default जैसी जानकारी आपके CIBIL Score को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकती है।

हालांकि, EMI की एक किस्त देर से जमा होने पर CIBIL Score कितने अंक गिरेगा, इसका कोई निश्चित आंकड़ा नहीं बताया जा सकता। असर आपके मौजूदा स्कोर, लोन की अवधि, कुल बकाया राशि, देरी के दिनों, पुराने repayment record और lender द्वारा की गई reporting पर निर्भर करता है। इसलिए किसी व्यक्ति का Score 20 अंक गिर सकता है, किसी का इससे अधिक या कम, जबकि कुछ मामलों में तत्काल बदलाव अगली reporting cycle तक दिखाई नहीं देता।

EMI Default और DPD का क्या मतलब है?

CIBIL रिपोर्ट में DPD यानी Days Past Due का उल्लेख किया जा सकता है। इसका अर्थ है कि आपकी EMI कितने दिनों से overdue है। सामान्य रूप से रिपोर्ट में 0 या STD का मतलब समय पर भुगतान माना जाता है, जबकि 30, 60 या 90 जैसे आंकड़े भुगतान में देरी के दिनों को दिखा सकते हैं। CIBIL की रिपोर्ट गाइड के अनुसार, 0D या STD के अलावा दिखाई देने वाली स्थिति lender के लिए नकारात्मक संकेत हो सकती है। रिपोर्ट में पिछले 36 महीनों तक की payment history दिखाई जा सकती है।

उदाहरण के लिए, अगर आपकी EMI की due date 5 तारीख है और आपने भुगतान 20 तारीख को किया, तो lender अपनी reporting policy के अनुसार उस खाते में overdue या DPD की जानकारी दर्ज कर सकता है। यह जरूरी नहीं कि हर एक दिन की देरी पर समान तरीके से reporting हो, इसलिए payment due date के बाद तुरंत lender से संपर्क करना बेहतर रहता है। केवल यह मान लेना कि कुछ दिनों की देरी का कोई असर नहीं होगा, जोखिम भरा हो सकता है।

एक EMI मिस होने से क्या होता है?

एक EMI miss होने पर सबसे पहले late fee, penal charges और अतिरिक्त interest लग सकता है। इसके बाद lender उस भुगतान को अपनी internal system में overdue के रूप में दर्ज कर सकता है। यदि भुगतान शीघ्र कर दिया जाए, तो भी यह देखना जरूरी है कि lender ने credit bureau को कौन-सी जानकारी भेजी है। CIBIL स्वयं Score तय नहीं करता और रिपोर्ट में जानकारी को मनमाने ढंग से बदल भी नहीं सकता; किसी correction या update के लिए संबंधित बैंक या financial institution की पुष्टि आवश्यक होती है।

अगर भुगतान कई दिनों तक लंबित रहता है, तो नकारात्मक प्रभाव अधिक गंभीर हो सकता है। लगातार missed EMI से आपकी credit report में overdue amount, DPD और repayment irregularity दिखाई दे सकती है। इससे भविष्य में personal loan, home loan, vehicle loan या credit card के आवेदन पर lender अतिरिक्त जांच कर सकता है। कम Score होने पर loan approval कठिन हो सकता है, ब्याज दर अधिक हो सकती है या lender अधिक documents और मजबूत income proof मांग सकता है। CIBIL के अनुसार, कम Score होने पर भी loan मिलना पूरी तरह असंभव नहीं होता, लेकिन शर्तें अधिक कड़ी हो सकती हैं।

90 दिन तक EMI न भरने पर जोखिम क्यों बढ़ जाता है?

अगर किसी loan account में principal या interest की राशि 90 दिनों से अधिक समय तक overdue रहती है, तो banking नियमों के तहत account को NPA classification के जोखिम का सामना करना पड़ सकता है। RBI के नियमों के अनुसार, term loan में principal या interest की किस्त 90 दिनों से अधिक overdue रहने पर account को non-performing asset के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है, हालांकि account की प्रकृति और लागू नियमों के अनुसार प्रक्रिया अलग हो सकती है।

90 दिन या उससे अधिक की गंभीर देरी lender के लिए बड़ा risk signal होती है। इस स्थिति में recovery calls, demand notices, legal action, restructuring discussion या अन्य collection measures शुरू हो सकते हैं। CIBIL रिपोर्ट में गंभीर delinquency दिखाई देने से भविष्य में credit approval पर ज्यादा प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए अगर आपको पहले से पता है कि अगली EMI भरना मुश्किल होगा, तो due date से पहले lender से बात करके restructuring, tenure extension, temporary relief या अन्य उपलब्ध विकल्पों के बारे में जानकारी लेना बेहतर है।

क्या EMI भरने के बाद CIBIL Score तुरंत ठीक हो जाता है?

नहीं, EMI भरने के बाद CIBIL Score हमेशा तुरंत पहले जैसा नहीं होता। भुगतान करने से overdue amount कम या समाप्त हो सकता है, लेकिन पुराने missed payment का record payment history में कुछ समय तक दिखाई दे सकता है। CIBIL की जानकारी के अनुसार, credit institutions आमतौर पर account data को reporting cycle के अनुसार update करते हैं। RBI ने credit information को fortnightly यानी महीने में दो बार update करने का निर्देश दिया है और संबंधित reporting के लिए निर्धारित समयसीमा भी दी है।

इसलिए payment करने के बाद कुछ समय देकर अपनी CIBIL रिपोर्ट दोबारा जांचें। अगर payment के बाद भी overdue amount, current balance या account status गलत दिखाई दे रहा है, तो पहले lender के grievance department में शिकायत करें और जरूरत पड़ने पर CIBIL में dispute raise करें। CIBIL के अनुसार, यदि भुगतान या account closure की जानकारी लंबे समय तक update नहीं होती, तो correction request की जा सकती है।

EMI Default के बाद CIBIL Score सुधारने के तरीके

  1. बकाया EMI जल्द से जल्द चुकाएं: जितनी जल्दी overdue amount clear होगा, उतना ही आगे की negative reporting का जोखिम कम किया जा सकता है।
  2. लेंडर से लिखित confirmation लें: भुगतान के बाद receipt, payment reference number और account update की जानकारी सुरक्षित रखें।
  3. Credit report check करें: payment के बाद अपनी रिपोर्ट में overdue, DPD, current balance और account status को जांचें।
  4. गलत जानकारी पर dispute करें: यदि आपने भुगतान कर दिया है लेकिन report में गलत बकाया दिख रहा है, तो lender और credit bureau दोनों के complaint channel का उपयोग करें।
  5. आगे सभी EMI समय पर भरें: एक missed payment का असर धीरे-धीरे कम करने का सबसे प्रभावी तरीका लगातार timely repayment है।
  6. एक साथ कई loan applications न करें: financial difficulty के बाद बार-बार loan या credit card application करने से multiple enquiries बढ़ सकती हैं, जो credit profile पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं।
  7. Credit card का उपयोग नियंत्रित रखें: EMI default के बाद credit card limit का बहुत अधिक उपयोग आपकी repayment capacity पर अतिरिक्त दबाव दिखा सकता है।

क्या guarantor या co-borrower का CIBIL Score भी प्रभावित होता है?

हां, अगर किसी loan में आप co-borrower या guarantor हैं और मुख्य borrower EMI default करता है, तो उसका प्रभाव आपकी credit profile पर भी पड़ सकता है। CIBIL के अनुसार, guarantor repayment obligation से जुड़ा होता है और principal applicant के default से guarantor का Score भी प्रभावित हो सकता है।

निष्कर्ष

EMI Default होने से CIBIL Score पर असर पड़ सकता है, खासकर तब जब भुगतान देर से हो, overdue लंबे समय तक बना रहे या account में गंभीर delinquency दर्ज हो जाए। एक missed EMI को नजरअंदाज करने के बजाय तुरंत payment करें, lender से संपर्क करें और कुछ समय बाद credit report में update जांचें। याद रखें कि CIBIL Score सुधारने का कोई instant shortcut नहीं है। नियमित EMI payment, कम credit utilization, सीमित loan applications और सही credit report आपकी credit profile को धीरे-धीरे मजबूत बनाने में मदद कर सकते हैं। वित्तीय परेशानी गंभीर हो तो नया महंगा loan लेने के बजाय अपने lender से repayment assistance या restructuring options के बारे में पहले बात करें।

महत्वपूर्ण: CIBIL Score में बदलाव व्यक्ति-विशेष की credit history और lender reporting पर निर्भर करता है। ऊपर दी गई जानकारी सामान्य शैक्षिक उद्देश्य के लिए है; अपने loan agreement और lender की official terms को अवश्य देखें।